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पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध) 2026
Pitru Paksha begins (Pratipada Shraddha) 2026
नई दिल्ली · IST
पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध) 2026 में 27 सितंबर 2026, रविवार को है।
- कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:48 – दोपहर 12:36
- रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:36 – दोपहर 1:24
- अपराह्न काल: दोपहर 1:24 – दोपहर 3:48
- कृष्ण पक्ष प्रतिपदा: रात 10:19 (26 सितंबर) से रात 8:59 तक
क्या है और कैसे मनाएं
पितृ पक्ष, पितरों का पखवाड़ा, आश्विन (पूर्णिमांत) कृष्ण प्रतिपदा से अमावस्या तक चलता है। पूर्वज की मृत्यु तिथि पर परिवार कुतुप, रौहिण या अपराह्न काल में तर्पण और श्राद्ध - पिंडदान, ब्राह्मण भोजन तथा गाय, कौए व कुत्ते के लिए भोजन - करते हैं।
तिथि का नियम
भाद्रपद (अमांत) कृष्ण प्रतिपदा: अपराह्न व्यापिनी तिथि.
द्रिक पंचांग पितृ पक्ष प्रतिपदा श्राद्ध से गिनता है; पूर्णिमा श्राद्ध एक दिन पहले होता है और कई कैलेंडर पखवाड़ा वहीं से शुरू करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध) 2026 कब है?
पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध) 2026 रविवार, 27 सितंबर 2026 को है।
पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध) 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए - कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:48 – दोपहर 12:36; रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:36 – दोपहर 1:24; अपराह्न काल: दोपहर 1:24 – दोपहर 3:48। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध) 2026 27 सितंबर को ही क्यों है?
तिथि का नियम: भाद्रपद (अमांत) कृष्ण प्रतिपदा: अपराह्न व्यापिनी तिथि। 2026 में यह 27 सितंबर 2026, रविवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2026 के प्रमुख त्योहार
- सकट चौथ
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- गणेश चतुर्थी
- हरतालिका तीज
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा