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हल षष्ठी (ललही छठ) 2026
Hal Shashthi (Lalahi Chhath) 2026
नई दिल्ली · IST
हल षष्ठी (ललही छठ) 2026 में 2 सितंबर 2026, बुधवार को है।
- कृष्ण पक्ष षष्ठी: सुबह 6:13 से सुबह 4:26 (3 सितंबर) तक
क्या है और कैसे मनाएं
भाद्रपद कृष्ण षष्ठी (पूर्णिमांत), हल षष्ठी (ललही छठ, हरछठ) हलधर बलराम जी की जयंती है। माताएं संतान के लिए व्रत रखती हैं और हल से जोती भूमि का अन्न नहीं खातीं - प्रायः पसही चावल और भैंस का दूध लिया जाता है।
तिथि का नियम
श्रावण (अमांत) कृष्ण षष्ठी: सूर्योदय के समय की तिथि.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हल षष्ठी (ललही छठ) 2026 कब है?
हल षष्ठी (ललही छठ) 2026 बुधवार, 2 सितंबर 2026 को है।
हल षष्ठी (ललही छठ) 2026 2 सितंबर को ही क्यों है?
तिथि का नियम: श्रावण (अमांत) कृष्ण षष्ठी: सूर्योदय के समय की तिथि। 2026 में यह 2 सितंबर 2026, बुधवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2026 के प्रमुख त्योहार
- सकट चौथ
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- कृष्ण जन्माष्टमी
- गणेश चतुर्थी
- हरतालिका तीज
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा