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नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) 2026
Narak Chaturdashi (Roop Chaudas) 2026
नई दिल्ली · IST
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) 2026 में 8 नवंबर 2026, रविवार को है।
- अभ्यंग स्नान (चंद्रोदय से सूर्योदय): सुबह 5:40 – सुबह 6:37
- कृष्ण पक्ष चतुर्दशी: सुबह 10:48 (7 नवंबर) से सुबह 11:28 तक
क्या है और कैसे मनाएं
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी (पूर्णिमांत), नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) श्रीकृष्ण की नरकासुर पर विजय की स्मृति है। सूर्योदय से पहले, चंद्रोदय के बाद, उबटन व तेल से अभ्यंग स्नान किया जाता है और संध्या को यम का दीपक जलाया जाता है।
तिथि का नियम
आश्विन (अमांत) कृष्ण चतुर्दशी: सूर्योदय के समय की तिथि.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) 2026 कब है?
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) 2026 रविवार, 8 नवंबर 2026 को है।
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए - अभ्यंग स्नान (चंद्रोदय से सूर्योदय): सुबह 5:40 – सुबह 6:37। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
नरक चतुर्दशी (रूप चौदस) 2026 8 नवंबर को ही क्यों है?
तिथि का नियम: आश्विन (अमांत) कृष्ण चतुर्दशी: सूर्योदय के समय की तिथि। 2026 में यह 8 नवंबर 2026, रविवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2026 के प्रमुख त्योहार
- सकट चौथ
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- गणेश चतुर्थी
- हरतालिका तीज
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा