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होलिका दहन 2026
Holika Dahan 2026
नई दिल्ली · IST
होलिका दहन 2026 में 3 मार्च 2026, मंगलवार को है।
- होलिका दहन मुहूर्त: शाम 6:22 – रात 8:50
- शुक्ल पक्ष पूर्णिमा: शाम 5:56 (2 मार्च) से शाम 5:07 तक
क्या है और कैसे मनाएं
होलिका दहन, होली की पूर्व संध्या पर, प्रह्लाद की भक्ति और बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है। सूर्यास्त के बाद, भद्रा से बचकर, होलिका जलाई जाती है और परिवार परिक्रमा कर अन्न, नारियल व प्रार्थना अर्पित करते हैं।
तिथि का नियम
फाल्गुन (अमांत) शुक्ल पूर्णिमा: प्रदोष व्यापिनी तिथि.
तिथि द्रिक पंचांग के अनुसार है। जब पूर्णिमा की पूरी रात भद्रा हो और पूर्णिमा अगले दिन अधिकांश समय रहे, तो द्रिक पंचांग होलिका दहन अगली संध्या के प्रदोष में बताता है (जैसे 2026 में 3 मार्च); कुछ पंचांग पहली रात भद्रा समाप्ति के बाद का समय देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
होलिका दहन 2026 कब है?
होलिका दहन 2026 मंगलवार, 3 मार्च 2026 को है।
होलिका दहन 2026 का पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए - होलिका दहन मुहूर्त: शाम 6:22 – रात 8:50। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
होलिका दहन 2026 3 मार्च को ही क्यों है?
तिथि का नियम: फाल्गुन (अमांत) शुक्ल पूर्णिमा: प्रदोष व्यापिनी तिथि। 2026 में यह 3 मार्च 2026, मंगलवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2026 के प्रमुख त्योहार
- सकट चौथ
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- गणेश चतुर्थी
- हरतालिका तीज
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा