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वट सावित्री व्रत 2027
Vat Savitri Vrat 2027
नई दिल्ली · IST
वट सावित्री व्रत 2027 में 4 जून 2027, शुक्रवार को है।
- कृष्ण पक्ष अमावस्या: सुबह 4:05 से रात 1:10 (5 जून) तक
क्या है और कैसे मनाएं
उत्तर भारत में ज्येष्ठ अमावस्या (पूर्णिमांत) को वट सावित्री व्रत सावित्री की स्मृति है, जिन्होंने यमराज से पति सत्यवान के प्राण वापस पाए। सुहागिनें व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा करती हैं, कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करती हैं और सावित्री कथा सुनती हैं।
तिथि का नियम
वैशाख (अमांत) कृष्ण अमावस्या: मध्याह्न व्यापिनी तिथि.
दो परंपराएं: उत्तर भारत में वट सावित्री ज्येष्ठ अमावस्या (यह तिथि) को; महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में पंद्रह दिन बाद वट पूर्णिमा के रूप में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वट सावित्री व्रत 2027 कब है?
वट सावित्री व्रत 2027 शुक्रवार, 4 जून 2027 को है।
वट सावित्री व्रत 2027 4 जून को ही क्यों है?
तिथि का नियम: वैशाख (अमांत) कृष्ण अमावस्या: मध्याह्न व्यापिनी तिथि। 2027 में यह 4 जून 2027, शुक्रवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2027 के प्रमुख त्योहार
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- सकट चौथ
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- हरतालिका तीज
- गणेश चतुर्थी
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा