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दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2027
Diwali (Lakshmi Puja) 2027
नई दिल्ली · IST
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2027 में 29 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को है।
- लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 6:35 – शाम 7:06
- प्रदोष काल: शाम 5:39 – रात 8:13
- वृषभ काल (स्थिर लग्न): शाम 6:35 – रात 8:30
- कृष्ण पक्ष अमावस्या: रात 8:48 (28 अक्टूबर) से शाम 7:06 तक
क्या है और कैसे मनाएं
कार्तिक अमावस्या को दीपावली प्रकाश का पर्व है। संध्या को प्रदोष काल में, संभव हो तो स्थिर वृषभ लग्न में (ताकि लक्ष्मी स्थिर रहें), लक्ष्मी-गणेश पूजन होता है और घर दीयों से जगमगाते हैं।
तिथि का नियम
आश्विन (अमांत) कृष्ण अमावस्या: प्रदोष व्यापिनी तिथि.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2027 कब है?
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2027 शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 को है।
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2027 का पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए - लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 6:35 – शाम 7:06; प्रदोष काल: शाम 5:39 – रात 8:13; वृषभ काल (स्थिर लग्न): शाम 6:35 – रात 8:30। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 2027 29 अक्टूबर को ही क्यों है?
तिथि का नियम: आश्विन (अमांत) कृष्ण अमावस्या: प्रदोष व्यापिनी तिथि। 2027 में यह 29 अक्टूबर 2027, शुक्रवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2027 के प्रमुख त्योहार
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- सकट चौथ
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- हरतालिका तीज
- गणेश चतुर्थी
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- सर्व पितृ अमावस्या (महालया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा