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सर्व पितृ अमावस्या (महालया) 2027
Sarva Pitru Amavasya (Mahalaya) 2027
नई दिल्ली · IST
सर्व पितृ अमावस्या (महालया) 2027 में 29 सितंबर 2027, बुधवार को है।
- कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:47 – दोपहर 12:35
- रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:35 – दोपहर 1:23
- अपराह्न काल: दोपहर 1:23 – दोपहर 3:46
- कृष्ण पक्ष अमावस्या: सुबह 10:55 से सुबह 8:06 (30 सितंबर) तक
क्या है और कैसे मनाएं
सर्व पितृ अमावस्या (महालया अमावस्या) पितृ पक्ष का अंतिम दिन है। इस दिन किया गया श्राद्ध सभी पितरों तक पहुंचता है, उन तक भी जिनकी तिथि ज्ञात न हो; यह कुतुप, रौहिण या अपराह्न काल में किया जाता है।
तिथि का नियम
भाद्रपद (अमांत) कृष्ण अमावस्या: अपराह्न व्यापिनी तिथि.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सर्व पितृ अमावस्या (महालया) 2027 कब है?
सर्व पितृ अमावस्या (महालया) 2027 बुधवार, 29 सितंबर 2027 को है।
सर्व पितृ अमावस्या (महालया) 2027 का पूजा मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली के लिए - कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:47 – दोपहर 12:35; रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:35 – दोपहर 1:23; अपराह्न काल: दोपहर 1:23 – दोपहर 3:46। समय शहर के अनुसार कुछ मिनट बदलता है; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
सर्व पितृ अमावस्या (महालया) 2027 29 सितंबर को ही क्यों है?
तिथि का नियम: भाद्रपद (अमांत) कृष्ण अमावस्या: अपराह्न व्यापिनी तिथि। 2027 में यह 29 सितंबर 2027, बुधवार को पड़ता है (नई दिल्ली)।
समय शहर के अनुसार बदलते हैं। यहां दिए सभी समय नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय पर आधारित हैं; दूसरे शहर में कुछ मिनट और कभी-कभी तिथि भी बदल सकती है। तिथियां द्रिक पंचांग की स्मार्त (सामान्य) गणना से मेल खाती हैं। अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
2027 के प्रमुख त्योहार
- लोहड़ी
- मकर संक्रांति
- सकट चौथ
- मौनी अमावस्या
- वसंत पंचमी
- महाशिवरात्रि
- होलिका दहन
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)
- चैत्र नवरात्रि प्रारंभ
- गुड़ी पड़वा / उगादी
- गणगौर
- राम नवमी
- हनुमान जयंती
- अक्षय तृतीया
- वट सावित्री व्रत
- गंगा दशहरा
- वट पूर्णिमा व्रत
- गुरु पूर्णिमा
- हरियाली तीज
- नाग पंचमी
- रक्षा बंधन
- कजरी तीज
- हल षष्ठी (ललही छठ)
- कृष्ण जन्माष्टमी
- हरतालिका तीज
- गणेश चतुर्थी
- ऋषि पंचमी
- अनंत चतुर्दशी
- पितृ पक्ष आरंभ (प्रतिपदा श्राद्ध)
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)
- शारदीय नवरात्रि प्रारंभ
- दशहरा (विजयादशमी)
- शरद पूर्णिमा
- करवा चौथ
- अहोई अष्टमी
- धनतेरस
- नरक चतुर्दशी (रूप चौदस)
- दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
- गोवर्धन पूजा
- भाई दूज
- छठ पूजा
- देवउठनी एकादशी
- तुलसी विवाह
- देव दीपावली
- कार्तिक पूर्णिमा