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गोरखपुर में आज का चौघड़िया

Choghadiya Today in Gorakhpur

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 · गोरखपुर, उत्तर प्रदेश · IST

सूर्योदय सुबह 5:51, सूर्यास्त शाम 5:37। दिन का पहला शुभ चौघड़िया: लाभ — सुबह 10:16 से।

दिन का चौघड़िया

समयचौघड़ियास्वभाव
सुबह 5:51 – सुबह 7:19रोगस्वामी: मंगलअशुभ / रोगअशुभ। मांगलिक कार्य वर्जित। प्रतिस्पर्धा व वाद-विवाद निवारण हेतु ही उपयोगी।
सुबह 7:19 – सुबह 8:47उद्वेगस्वामी: सूर्यअशुभ / उद्वेगअशुभ। मानसिक तनाव व अशांति संभव। केवल राजकीय कार्यों व कर आदि हेतु उपयुक्त।
सुबह 8:47 – सुबह 10:16चलस्वामी: शुक्रसामान्य / गतिमानसामान्य अनुकूल। यात्रा, वाहन क्रय एवं स्थान परिवर्तन हेतु उत्तम।
सुबह 10:16 – सुबह 11:44लाभस्वामी: बुधशुभ / लाभप्रदव्यापार, आर्थिक लेनदेन, नवीन उत्पाद शुभारंभ एवं साक्षात्कार हेतु अनुकूल समय।
सुबह 11:44 – दोपहर 1:12अमृतस्वामी: चंद्रअति शुभसभी प्रकार के मांगलिक कार्य, निवेश, समझौता एवं नवीन शुरुआत हेतु सर्वश्रेष्ठ समय।
दोपहर 1:12 – दोपहर 2:41कालस्वामी: शनिअशुभ / कालअशुभ। कार्यों में विलंब व हानि संभव। नए सौदों व अनुबंधों से बचें।
दोपहर 2:41 – शाम 4:09शुभस्वामी: गुरुशुभविवाह, धार्मिक अनुष्ठान, शिक्षा आरंभ एवं संपत्ति क्रय हेतु अत्यंत शुभ मुहूर्त।
शाम 4:09 – शाम 5:37रोगस्वामी: मंगलअशुभ / रोगअशुभ। मांगलिक कार्य वर्जित। प्रतिस्पर्धा व वाद-विवाद निवारण हेतु ही उपयोगी।

रात का चौघड़िया

समयचौघड़ियास्वभाव
शाम 5:37 – शाम 7:09कालस्वामी: शनिअशुभ / कालअशुभ। कार्यों में विलंब व हानि संभव। नए सौदों व अनुबंधों से बचें।
शाम 7:09 – रात 8:41लाभस्वामी: बुधशुभ / लाभप्रदव्यापार, आर्थिक लेनदेन, नवीन उत्पाद शुभारंभ एवं साक्षात्कार हेतु अनुकूल समय।
रात 8:41 – रात 10:13उद्वेगस्वामी: सूर्यअशुभ / उद्वेगअशुभ। मानसिक तनाव व अशांति संभव। केवल राजकीय कार्यों व कर आदि हेतु उपयुक्त।
रात 10:13 – रात 11:44शुभस्वामी: गुरुशुभविवाह, धार्मिक अनुष्ठान, शिक्षा आरंभ एवं संपत्ति क्रय हेतु अत्यंत शुभ मुहूर्त।
रात 11:44 – रात 1:16 (7 अक्टूबर)अमृतस्वामी: चंद्रअति शुभसभी प्रकार के मांगलिक कार्य, निवेश, समझौता एवं नवीन शुरुआत हेतु सर्वश्रेष्ठ समय।
रात 1:16 (7 अक्टूबर) – रात 2:48 (7 अक्टूबर)चलस्वामी: शुक्रसामान्य / गतिमानसामान्य अनुकूल। यात्रा, वाहन क्रय एवं स्थान परिवर्तन हेतु उत्तम।
रात 2:48 (7 अक्टूबर) – सुबह 4:19 (7 अक्टूबर)रोगस्वामी: मंगलअशुभ / रोगअशुभ। मांगलिक कार्य वर्जित। प्रतिस्पर्धा व वाद-विवाद निवारण हेतु ही उपयोगी।
सुबह 4:19 (7 अक्टूबर) – सुबह 5:51 (7 अक्टूबर)कालस्वामी: शनिअशुभ / कालअशुभ। कार्यों में विलंब व हानि संभव। नए सौदों व अनुबंधों से बचें।
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चौघड़िया कैसे निकाला जाता है

सूर्योदय से सूर्यास्त तक का दिन, और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात — दोनों को आठ-आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है, जिन्हें चौघड़िया (“चार घड़ी”) कहते हैं। हर भाग का एक स्वामी ग्रह होता है और नाम उसके स्वभाव से: अमृत, शुभ और लाभ शुभ हैं, चल (चर) सामान्य है और यात्रा के लिए अच्छा माना जाता है, जबकि रोग, काल और उद्वेग में नए काम की शुरुआत टाली जाती है। क्रम वार के स्वामी से शुरू होता है, इसलिए हर दिन बदलता है — और हर भाग की लंबाई गोरखपुर में दिन की वास्तविक लंबाई पर निर्भर करती है।

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